विक्रमी संम्वत् :- इसका काल का
शुभारम्भ ईसा से 57 वर्ष पूर्व चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से माना
जाता है । पंचांग में इसी प्रणाली का प्रयोग किया जाता है और यह चन्द्र मास
पर आधारित है तथा इस में सौरमासो का भी समावेश रहता है । चन्द्र वर्ष का आरम्भ चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिप्रदा तिथि से किया जाता है ।
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