चंद्रमा को प्रसन्न करने के आसान उपाय | सफलता के लिए टिप्स 
चंद्रमा हमारी माँ, मानसिक स्वास्थ्य, बुद्धि ,मोह , धन,भावनाओं और मन का कारक है। यदि चंद्रमा अपनी नीच राशि
(वृश्चिक) में हो, उस पर शत्रु या अशुभ ग्रहों की दृष्टि हो, या वह कुंडली के चौथे, छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो, तो इसे अशुभ माना जाता है।
(वृश्चिक) में हो, उस पर शत्रु या अशुभ ग्रहों की दृष्टि हो, या वह कुंडली के चौथे, छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो, तो इसे अशुभ माना जाता है। मुख्य मंत्र :- चंद्रमा का मंत्र है - "
सोम सोमाय नमः"
सोम सोमाय नमः" दान योग्य पदार्थ :- चावल
, सफेद चन्दन, शंख, कपूर, दही, दूध, ,
, सफेद चन्दन, शंख, कपूर, दही, दूध, , , घी , वर्क लगी बर्फी ,चीनी, मिस्त्री, श्वेत कपड़ा l
धातु और रत्न :- चांदी या कांसे का पात्र , चांदी की अंगूठी में मोती डलवा कर धारण करना l सफेद मोती माला धारण करना l चारपाई के पायो में चांदी की कील ठोकना l
सोमवार का नियम:- पानी में कच्चा दूध मिला कर और चन्द्रमा का बीज मंत्र जाप करते हुए पीपल के पेड़ में डालना l लगातार 16 सोमवार को व्रत रखना और सायं काल में सफेद वस्तुओं का दान करें और छोटी कन्या को खीर को भोजन करना चाहिए । चावल सफेद और खीर को भोजन करना चाहिए ।
दैनिक नियम:- शीशे के गिलास में दूध और पानी पीना परहेज करें l
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