जन्म कुंडली में बुध क्या है? काल पुरुष की कुंडली में बुध तीसरे और छठे भाव का स्वामी होता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध चौथे, छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो, तो यह अशुभ माना जाता है। अगर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि बुध पर पड़े, तो बुध अशुभ फल देता है। हमारे जीवन में बुध का संबंध वाणी, बुद्धि, शिक्षा, संतान, व्यवहार, व्यापार, लेखन, संगीत, गायन, याददाश्त, आत्म-नियंत्रण, अपरिपक्वता, समझदारी, बातचीत की कला, लत, शक्ति, त्वचा, अतार्किक सोच, सुस्ती और तंत्र-मंत्र जैसी चीजों से होता है।
दान के लिए चीज़ें:- साबुत मूंग दाल, चीनी, हरी इलायची, हरी सब्ज़ियाँ, हरे कपड़े, हरा चारा, हरे फल और हरे रंग के सर्दियों के कपड़े; साथ ही, अपनी क्षमता के अनुसार ब्राह्मणों के लिए भोजन का इंतज़ाम करें।
रत्न और धातु:- पन्ना रत्न, कांसे के बर्तन और हाथीदांत। बुधवार को सोने की अंगूठी में जड़ा हुआ पन्ना पहनें। हरे रंग की गाड़ी में यात्रा करने से बचें।
कमज़ोर बुध से जुड़ी बीमारियाँ और समस्याएँ क्या हैं?
♍ मिथुन राशि (तीसरा भाव) :- रोज़मर्रा की ज़िंदगी, बातचीत, व्यवहार, छोटे भाई-बहनों और सोचन -समझने की क्षमता को नियंत्रित करती है |
उपाय:- मानसिक शांति बनाए रखें और *अनुलोम-विलोम* प्राणायाम का अभ्यास करें।
बुध मंत्र: "ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः।"
इस मंत्र का 9,000 बार (एक पूरी *माला* का चक्र) जाप करें; तुलसी या रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।
चौथा भाव ♉ :- माँ, मानसिक शांति और घर-गृहस्थी के सुख-सुविधाओं से जुड़ा है; यहाँ बुध के कमज़ोर होने से परिवार में झगड़े हो सकते हैं।
उपाय: बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाएँ और घर पर एक पौधा लगाएँ।
छठा भाव ♓ बीमारी, कर्ज़, दुश्मन, कानूनी अड़चनों और प्रतियोगिता से संबंधित है। इसके प्रभावों में नर्वस सिस्टम की समस्याएँ, पेट और त्वचा की बीमारियाँ, पैसों के लेन-देन में धोखाधड़ी और कानूनी पेचीदगियाँ शामिल हैं।
व्यावहारिक उपाय: नर्वस सिस्टम को शांत रखने के लिए नियमित रूप से *अनुलोम-विलोम* प्राणायाम करें। बुधवार को अपनी बुआ या मौसी को कोई तोहफ़ा दें।
आठवां भाव 🌳⛎ अचानक होने वाली घटनाओं, रिसर्च और गुप्त विद्याओं को नियंत्रित करता है।
प्रभाव: - यहाँ स्थित बुध व्यक्ति की याददाश्त तो तेज़ करता है, लेकिन साथ ही आलस और काम टालने की आदत भी बढ़ाता है। बातचीत कभी-कभी कठोर हो सकती है, या व्यक्ति बातों को छिपाकर रखने की प्रवृत्ति रख सकता है। नशे की लत या उलझन की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
व्यावहारिक उपाय: रोज़ाना डायरी लिखें। अपने विचारों को लिखने से आठवें भाव से जुड़ी मानसिक उलझन दूर होती है और बौद्धिक स्पष्टता आती है।
बारहवां भाव खर्च, नुकसान, विदेश और अवचेतन मन को नियंत्रित करता है। *काल पुरुष कुंडली* (सार्वभौमिक कुंडली) में, यह स्थिति मीन राशि (बुध की नीच राशि) से मेल खाती है; इसलिए, बुध यहाँ सबसे कमज़ोर महसूस करता है।
प्रभाव: ध्यान की कमी, नींद न आना (अनिद्रा), और बातचीत के कौशल में कमज़ोरी या गलतफहमियाँ। व्यक्ति ज़्यादा सोचता है लेकिन सही समय पर सही फ़ैसले नहीं ले पाता। व्यापारिक समझ की कमी के कारण बेवजह पैसे खर्च हो सकते हैं।
व्यावहारिक उपाय: सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल फ़ोन या स्क्रीन का इस्तेमाल न करें। बुधवार को ज़रूरतमंद छात्रों को किताबें या पढ़ाई का सामान दान करें।
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