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Sunday, November 21, 2021

14 अप्रैल 2022 (विक्रमी संवत 2079) की वर्षेश कुण्डली

       14 अप्रैल 2022 को 08:39 मिन्ट विक्रमी संवत 2079 पर  में,चैत्र मास वृद्धि योग दिन बृहस्पति को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे।सूर्य अश्विनी नक्षत्र में स्थित हैं।सूर्य -राहु-बुध के साथ युति करेंगे और केतु की दृष्टि होगी।जोकि कुछ प्रान्तों में भयंकर तूफान, अग्निकांड, प्राकृतिक प्रकोप, महामारी रोग से प्रभावित रहेगी।मंगल की दृष्टि सूर्य- बुध-राहु ऊपर है। लग्न के स्वामी शुक्र -मंगल के दशम भाव मे स्थित हैं।कुण्डली दशम स्थान से देखा जा सकता है।

                        



भारत,अफगानिस्तान, तुर्की,ईरान,ईराक , रूस,अमेरिका, चीन,पाकिस्तान,बांग्लादेश,पश्चिमी बंगाल, पंजाब आदि प्राकृतिक आपदा, विदेशों में गृह युद्ध, राज्यों में राजनीतिक दलों की तरह दंगे,उपद्रव,उथल पुथल, सत्ता में बदलाव, आंदोलन,उग्रवादी घटनाओं का समावेश होता दिखाई देगा। वार्षिक कुंडली सभी ग्रह राहु और केतु के मध्य में स्थित हैं।काल सर्प योग की कुंडली का निर्माण हो रहा है।चतुर्थ भाव के स्वामी सूर्य,पंचम भाव के स्वामी बुध के साथ राहु है शनि की दृष्टि बृहस्पति के ऊपर है।राजनेता को परेशानी ,गुप्त शत्रु, षड्यंत्र, आंतरिक गृह युद्ध योग बन रहे हैं।

बृहस्पति का मीन राशि में गोचर करेंगे और मीन राशि चीन देश की राशि हैं।बृहस्पति के ऊपर शनि की विशेष दृष्टि रहेगी ।चीन की विस्तार नीतियों के विश्व मे कई प्रकार विचित्र और अघटित घटनाएं घटती होगी।कई तरह उलट फेर होता दिखाई देगा।ग्रह स्थिति के अनुसार उथल-पुथल के संकेत बनते योग बन रहे हैं।जैसे प्राकृतिक आपदाओं, खड़ी फसलों पानी की कमी खराब होना, अचानक से बीमारी फैलना, जिसके कारण बच्चों, युवाओं को ग्रसित, अग्निकांड, भूकंप, भूखलन, सम्प्रदायिक उपद्रव आदि घटनाओं घटित होगी।उसने प्रभावित होने वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार,असम और मुस्लिम देशों प्रभावित भी होने के संकेत मिल रहे है।17 मई 2022 को बृहस्पति,शुक्र और मंगल युति में होंगे।
29 अप्रैल 2022 को शनिदेव कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे और मंगल ग्रह के साथ युति में रहेंगे।17 मई 2022 तक युति में रहेंगे। जिसके कारण चीन,पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में रक्तपात और हत्याकांड, मरने -मारने जैसी घटनाओं घटित होगी।
12 जुलाई 2022 से जनवरी 2023 तक  को शनि वक्री गति से मकर राशि गोचर करेंगे।जिस के कारण वायुवेग, अचानक गंभीर बीमारियों के लोग ग्रसित होंगे।भंयकर तूफान, भूकंप, वातावरण में परिवर्तन ,जलवायु परिवर्तन ,अधिक वर्षा होगी।
उसके बाद शनि कुम्भ राशि में गोचर करेंगे।



सत्ता से गिरने/महत्वपूर्ण व्यक्ति की मृत्यु के कारण शासन में वीआईपी परिवर्तन। दुनिया के पूर्वी हिस्से में युद्ध आदि का डर। और उत्तर-पश्चिमी देशों में परेशानी शनि की दशम दृष्टि से तुला राशि पर होगी चीन,पाकिस्तान,कुछ कट्टरपंथी देशों की दोगली नीति अपनाते हुए नजर आएंगे कई प्रकार की विषम परिस्थितियों ,और चुनौतियों का सामना करनाहोगा।कुछ देशों में आपसी संबंधों में टकराव,गृहयुद्ध,विस्फोटक घटनाओं का से परेशानी होगी। आपसी तालमेल की कमी होने से कुछ देशों सत्ता परिवर्तन होगा। 29 अप्रैल 2022 को शनि देवकुम्भ राशि मे प्रवेश करेंगे।उनकी तीसरी दृष्टि मेष राशि पर होगी।चीन का दोगलापन उसके ऊपर भारी पड़ेगा,जिससे दूसरे देशों अलग पड़ता दिखाई देगा।मुस्लिम देशों में उग्रवाद बढ़ता दिखाई देगा। विश्वमें  धार्मिकऔर जातिवाद को बढ़ता नजर आएगाऔरटकराव ,आतंकवाद से जनता परेशान रहेगी।