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Friday, July 2, 2021

शुक्र ग्रह 4 से 14जनवरी 2022 धनु राशि मे गोचर अस्त होने जा रहे हैं।



 4 से 14 जनवरी   2022 को शुक्र ग्रह अस्त होगा। भारतीय मानक समय 08 घण्टे 32 मिनट ,शुक्र ग्रह धनु राशि मे स्थित हैं। शुक्र इस दौरान सूर्य के  नक्षत्र उत्तराषाढ़ा में स्थित है।धनु राशि में अस्त होने जा रहे है।शुक्लपक्ष की त्रयोदशी तिथि, दिवस 

 सौरमंडल में ग्रह परिक्रमा करते-करते जब सूर्य के बहुत नजदीक हो जाते हैं तो वे ग्रह अस्त हो जाते हैं। उनका अपना प्रभाव नहीं रह जाता है।इस लिये उनको अस्त कहा जाता है।जब भी पृथ्वी के समीप आते है ।सूर्य के निकटतम आ जाते हैं और उनके 8° से कम अन्तर आ जाता हैं उस समय अस्त हो जाते है। शुक्र पश्चिम दिशा में अस्त होने जा रहे हैं।शुक्र सातवें भाव के कारक होते है,विवाह के सम्बन्ध रखते है।


सूर्य के साथ शुक्र युति में है। राहु -सूर्य -शुक्र 6/8 की स्थिति में है। शुक्र जलीय तत्व , आग्नेय दिशा के स्वामी हैं।शुक्र काम -सुख,वीर्य, विवाह सुख, ,व्यभिचार, शयन गृह, वशीकरण, आकर्षण, मैथुन, इससे मूत्राशय, शुगर एवं मैथुन, वीर्य सम्बन्धित रोगों का विचार किया जाता हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ,जिस समय शुक्र ग्रह अस्त हो,उस समय में यज्ञ,हवन, यज्ञोपवीत संस्कार,  मन्दिरों का निर्माण कार्य, विवाह, मकान का नीव आदि कार्यो को प्रारम्भ नही करना चाहिए। सभी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित माने जाते है।

Sunday, December 14, 2014

पंचांग का ज्ञान

पंचांग भारतवर्ष की ज्योतिष विधा का प्रमुख दर्पण है । जिससे समय की विभिन्न इकाईयों ज्ञान प्राप्त किया जाता है :- संवत्,महीना,पक्ष,तिथि,दिन आदि का विधाओ को जानने पंचांग एक मात्र साधन है । धार्मिक व सभी प्रकार शादी, मुण्डन,भवन निर्माण आदि तिथियों के समय पर अनुष्ठान का ज्ञान पंचांग द्वारा लगाया सकता है । काल रूपी ईश्वर के विशेष अगंभूत पंचांग है :- तिथि,नक्षत्र,योग,दिन के ज्ञान को सादर प्रणाम किया जाता है ।

                    




           आज इतना दैनिक में विशेष प्रचलित राशि फल ,ग्रह परिवर्तन, त्यौहार व व्रत आदि इसी पंचांग से देखा जाता है । प्राचीन काल में पंचांग के विशेष पांच अग है :- वार, तिथि, नक्षत्र, योग, करण थे । दिन-रात, सूर्य का अस्त-उदय, धडी पल और भारतीय समय का ज्ञान ,मौसम परिवर्तन भी इसीसे देखा जाता है 
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